LIFE -A Transit

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My first Hindi poetry beautifully sung by Sunita Dutta (Manali H.P.India). My sincere thanks to her

जिन्दगी  हर पल पहेली

न सोचो ऐसा क्यू है

न समझें वेसा क्यू है

हर इन्सान मुझ सा नहीं है

यही   तो मजा है..

मेरा हंसना गुनाह तो नहीं

तेरी नराजगी शायद खता है

मेने दील की सुनी

तो इस मे बुरा क्या है

हर……

इतनी खुबसूरत है यह दुनिया

मे से परे देखो तो सही

मुझ  से पेहले भी थी

मुझ से बाद भी रहे गई

हर…..

अथा सागर हे यह प्यार

ईक बुन्द पी कर तो देखो

हर इन्सा दोस्त बन जाऐगा

रास्ता आसान हो जाएगा

उस नजर से तो देखो

हर……..

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